अयोध्या नगरी का जैन धर्म के लिए भी विशेष स्थान है , यहाँ विभिन्न तीर्थंकरों के जीवन से सम्बंधित १८ कल्याणक घटित हुए हैं| अयोध्या नगरी को पांच तीर्थकरो ( आदिनाथ, अजितनाथ, अभिनंद नाथ, सुमतिनाथ एवं अनंतनाथ ) की जन्मस्थली होने का गौरव प्राप्त है| उनकी स्मृति में फैजाबाद के नवाब के कोषाध्यक्ष ने यहाँ …
Month: January 2019
राम की पैड़ी सरयू नदी के किनारे स्थित घाटों की एक श्रंखला है| पूर्णिमा के दिन इस स्थान की सुन्दरता देखते बनती है| श्रधालुओं में ऐसी मान्यता है कि यहाँ स्नान करने से पाप धुल जाते हैं |
इस मंदिर का विवरण रामायण महाकाव्य के विविध प्रसंगों में पाया जाता है| ऐसी मान्यता है की माता सीता अपने साथ देवी गिरिजा देवी की एक सुन्दर मूर्ति लेकर अयोध्या आई थी| महाराज दशरथ ने एक भव्य मंदिर का निर्माण कराकर उसमे उसी प्रतिमा की स्थापना करायी थी, माता सीता देवी की प्रतिदिन पूजा अर्चना …
हनुमान गढ़ी के निकट स्थित कनक भवन अयोध्या का एक महत्वपूर्ण मंदिर है। यह मंदिर सीता और राम के सोने के मुकुट पहने प्रतिमाओं के लिए लोकप्रिय है। इसी कारण इस मंदिर को सोने का घर भी कहा जाता है। यह मंदिर टीकमगढ़ की रानी ने 1891 में बनवाया था। मुख्य मंदिर आतंरिक क्षेत्र में फैला हुआ …
सरयू नदी के तट पर स्थित इस घाट के विषय में मान्यता है कि इस पवित्र घाट पर भगवान राम ने जल समाधि ली थी। 19 वीं सदी में राजा दर्शन सिंह द्वारा इसका नवनिर्माण करवाया गया था। घाट पर राम जानकी मंदिर, पुराने चरण पादुका मंदिर, नरसिंह मंदिर और हनुमान मंदिर स्थित है, जिसके …




