नगर के केन्द्र में स्थित इस मंदिर तक 76 कदमों की चाल में पहुंचा जा सकता है। कहा जाता है कि हनुमान यहां एक गुफा में रहते थे और रामजन्मभूमि एवं रामकोट की रक्षा करते थे। मुख्य मंदिर में बाल हनुमान के साथ अंजनि की प्रतिमा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस मंदिर में …
Month: January 2019
अयोध्या शहर के पश्चिमी हिस्से में स्थित रामकोट, अयोध्या में पूजा का प्रमुख स्थान है। यहां भारत और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का साल भर आना-जाना लगा रहता है। हिन्दू माह चैत्र या मार्च-अप्रैल में मनाया जाने वाला रामनवमी पर्व यहां बड़े जोश और धूमधाम से मनाया जाता है। The chief place of worship in …
रानी “हो” लगभग 2000 वर्ष पूर्व अयोध्या की रानी “रानी हो” जल मार्ग द्वारा भारत से कोरिया आ गई थी जिन्हें कोरियन नाम हू-वांग आक के नाम से जाना जाता है कोरिया जाकर उनका विवाह कर्क साम्राज्य के राजा ‘किम सूरो’ के साथ हुआ था अयोध्या में “रानी हो” की जन्मस्थली की स्मृति में वर्ष …
भगवान राम के पुत्रों लव कुश के नाम पर निर्मित इस मंदिर में लव और कुश की मूर्ति के साथ महर्षि वाल्मीकि जी की प्रतिमा भी स्थापित है इसके समीप अंबरदास जी राम कचेहरी मंदिर, जगन्नाथ मंदिर तथा रंगमहल मंदिर हैं, जो अयोध्या के प्रमुख दक्षिण भारतीय मंदिरों में गिने जाते हैं
महान संत स्वामी श्री युगलानन्यशरण जी महाराज की तपस्थली यह स्थान देश भर में रसिकोपासना के आचार्यपीठ के रूप में प्रसिद्ध है। श्री स्वामी जी चिरान्द (छपरा) निवासी स्वामी श्री युगलप्रिया शरण ‘जीवाराम’ जी महाराज के शिष्य थे। ईस्वी सन् १८१८ में ईशराम पुर (नालन्दा) में जन्मे स्वामी युगलानन्यशरण जी का रामानन्दीय वैष्णव-समाज में विशिष्ट …
