अन्य

रानी “हो”

लगभग 2000 वर्ष पूर्व अयोध्या की रानी “रानी हो” जल मार्ग द्वारा भारत से कोरिया आ गई थी जिन्हें कोरियन नाम हू-वांग आक के नाम से जाना जाता है कोरिया जाकर उनका विवाह कर्क साम्राज्य के राजा ‘किम सूरो’ के साथ हुआ था अयोध्या में “रानी हो” की जन्मस्थली की स्मृति में वर्ष 2000 में निर्मित स्मारक आज कोरिया गणराज्य का धार्मिक स्थल बन चुका है

रत्न सिंहासन (राजगद्दी)

यह भवन कनक भवन की दिशा में है मान्यता अनुसार यहां भगवान राम का राज्याभिषेक संपन्न हुआ था

दंतधावन कुण्ड

श्री वैष्णव के बडगल शाखा के अंतर्गत आने वाला मंदिर हनुमानगढ़ी चौराहे से रामघाट तुलसी स्मारक जाने वाले मार्ग पर स्थित है किंबदंती के अनुसार इसी स्थान पर श्री रामचंद्र जी चारों भाइयों के साथ प्रात: दतुवन करते थे

वाल्मीकि रामायण भवन

इस भवन में संपूर्ण वाल्मीकि रामायण को संगमरमर पर अंकित किया गया है

तुलसी स्मारक भवन / अयोध्या शोध संस्थान

तुलसी चौरा के समीप उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्वामी तुलसीदास जी की स्मारक भवन का निर्माण कराया गया है अयोध्या शोध संस्थान के तत्वाधान में यहां प्रतिवर्ष गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती विशेष आयोजन पूर्वक मनाई जाती है यहां विशाल पुस्तकालय वाचनालय एवं हस्तशिल्प का राम कथा विषय सामग्री तथा अनुसंधान के लिए तुलसी साहित्य पर उत्तम सामग्री उपलब्ध है