अयोमुखी गुफा रामदुर्ग से 16 कि.मी. दूर एक पहाड़ी पर राक्षसी की गुफा है। उसने भोग विलास की कामना से लक्ष्मणजी को पकड़ लिया तथा लक्ष्मणजी ने उसके नाक, कान काट डाले थे।
Month: February 2020
188. रामतीर्थ, जमखंडी अथणी से 60 कि.मी. दक्षिण दिशा में जमखण्डी में भगवान शिव का प्राचीन मंदिर है। श्रीराम ने यहाँ शिव पूजा की थी।
रामतीर्थ अथणी तालुका में रामतीर्थ गाँव में रामजी से पूजा करवाने शिव सपरिवार यहाँ पधारेे थे। श्रीराम के आग्रह पर शिवजी ने शिवलिंग का अलंकरण, नाम रामेश्वर, गर्मजल से जलाभिषेक तथा केतकी के फूलों से पूजा स्वीकार की। आज भी यहाँ ये चारों परम्पराएँ हैं।
सती माँ द्वारा परीक्षा लेने के बाद उनके संकेत पर श्रीराम दक्षिण दिशा में सिंडगी के उत्तर की ओर 20 कि.मी. आये थे और उन्होंने यहाँ भगवान शिव की पूजा की थी। इसलिए मंदिर का नाम रामलिंग है। मंदिर आलमेल से 1 कि.मी. दूर सिंडगी रोड पर है।
लोक मान्यता के अनुसार श्रीराम तुलजापुर से बोरी नदी के किनारे-किनारे आये थे। यह नदी बाद में भीमा नदी में मिलती है। किनीगाँव के निकट उन्होंने नदी में स्नान किया था। अब यहाँ एक छोटा सा श्रीराम मंदिर बना है।



