दण्डकारण्य में घूमते हुए श्रीराम ने यहाँ जैन मुनि देशभूषण तथा मुनि कुलभूषण की एक राक्षस से रक्षा की थी तभी उन्होंने यहाँ एक जिनालय की स्थापना की थी।
Month: February 2020
भूम से 13 कि.मी. दूर रामकुण्ड नामक गाँव है। माना जाता है कि यहाँ श्रीराम ने स्नान किया था। संभवतः यहाँ श्रीराम दो बार आये हैं।
लोक कथा के अनुसार श्रीराम यहाँ ऋषि पंडित आचार्य से मिलने आये थे। ऋषि संस्कृत विद्यालय चलाते थे। यहाँ श्रीराम ने शिव पूजा की थी इसीलिए मंदिर का नाम रामेश्वर है।
लोक कथा के अनुसार श्रीराम ने लंका अभियान के समय घोड़ नदी के किनारे रूर नामक राक्षस का वध किया था। राक्षस का सिर यहाँ गिरा था इसलिए यह स्थल सिररूर था जो शिरूर हो गया है। यहां श्रीराम द्वारा स्थापित भगवान शिव का एक बहुत विशाल मंदिर है।
राम दरिया राम द्वार का अपभ्रंश है। यहाँ पहाड़ की दो चोटियाँ इस प्रकार निकट हैं कि द्वार जैसा लगता है। माना जाता है कि श्रीराम इसी मार्ग से मुंबई से पूना की ओर गये थे।




