Month: February 2020

रामेश्वर माहुर

रामेश्वर माहुर अत्रि आश्रम जमदग्नि आश्रम तथा दत्तात्रेय आश्रमों में भ्रमण के पश्चात् श्रीराम ने एक दिन यहां विश्राम किया तथा यहां उन्होंने भगवान शिव की पूजा की थी। उनकी स्मृति में आज भी यहां शिव मंदिर स्थापित है।

जमदग्नि आश्रम

नांदेड़ जिले में माहुर नामक स्थान से 9 कि.मी. दूर पाँच पर्वत शिखरों पर जमदग्नि, अनसूया, अत्रि, दत्तात्रेय आदि के 5 मंदिर हैं। पास ही सर्वतीर्थ, उपझरा कुण्ड, अम्ब कुण्ड, मातृ तीर्थ, गणेश मंदिर तथा रेणुका मंदिर हैं।

शरभंग आश्रम

शरभंग आश्रम यवतमाल जिले में नांदेड़ की सीमा के निकट उनकेश्वर नामक स्थल पर शरभंग ऋषि का आश्रम है। यहाँ श्रीराम, लक्ष्मण तथा सीताजी आये थे। श्रीराम ने ऋषि के कुष्ठ को शांत करने के लिए अग्निबाण से गर्म जल का स्रोत बनाया था जो आज भी निरन्तर बह रहा है।

सीता मंदिर रालेगांव

राले गाँव में सीता मन्दिर बना है। सीताजी के श्राप से अभी भी इस गाँव में गेहूँ पैदा नहीं होता। वनवास काल की श्री सीता रामजी से संबंधित कई कथाएं प्रचलित हैं।

श्री राम मंदिर बासर

श्री राम मंदिर बासर माना जाता है कि इसी स्थान पर माँ सरस्वती की कृपा से राजा दशरथ जी ने पुत्रेष्टि यज्ञ का संकल्प किया था। इसकी प्रेरणा वशिष्ठ जी से मिली थी। जहां राजा दशरथ जी आये थे वहीं श्री सीताराम जी भी आये थे। इसी स्मृति में यहां श्रीराम मंदिर का निर्माण हुआ, …