बेंगरा अर्थात् रहने का स्थान। यहाँ श्रीसीताराम जी कुछ काल तक रहे हैं। पहाड़ी में ठीक पीछे लक्ष्मण बंेगरा है। यहां श्रीराम वनवास की चित्रलिपि बहुत सुन्दर व प्राचीन है। चित्रिलिपि अभी तक पढ़ी नहीं जा सकी है। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के आश्रम …
Month: February 2020
श्रीराम ने यहां सरा नामक असुर का वध किया था तथा शिव पूजा की थी। यहां महान नदी में सीता नहानी तथा राम डोह बने हंै। सघन जंगल में श्रीराम जानकी तथा भगवान शिव के सुन्दर मंदिर बने हंै। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के …
कई स्थलों पर प्रकृति के रहस्यों को मां सीता से संबंधित माना जाता है। यहां पाषाणों पर मां सीता द्वारा की गयी चित्रकारी के दर्शन व पूजन के लिए गहरे जंगलों में आज भी वनवासी दूर-दूर से आते हैं। चित्रकारी में राम, लक्ष्मण, सीता के चित्र मिलते हैं।
वनवास काल में श्रीराम सरगुजा के जंगलों में लम्बी अवधि तक रहे हैं। उनकी यात्रा की स्मृति में अन्य अवशेषों के साथ लक्ष्मण पंजा भी मिलता है। अर्थात् यहां लक्ष्मण जी के पावन चरण चिह्न हैं। दूर-दूर से वनवासी उनकी पूजा करने आते हैं। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम …




