श्रीराम चरित मानस के अनुसार श्री राम सहित चारों भाइयों के विवाह के लिए बहुत सुन्दर मंडप का निर्माण किया गया था। मण्डप में बड़ी संख्या में बाँसों का प्रयोग हुआ था तथा इसी जंगल से बाँस काट कर ले जाए गये थे। आज भी कन्याओं के विवाह में प्रतीक रूप में यहां से बाँस …
Month: February 2020
लक्ष्मीनारायण मंदिर नेपाल के मटिहानी में अवस्थित है । भगवान श्रीराम और सीता मां के विवाह की वेदी बनाने के लिए यहां से माटी ले जायी गयी थी। आज भी मिथिला में विवाह की बेदी के लिए यहां से माटी ले जाई जाती है। यहाँ श्री सीता राम जी लक्ष्मी नारायण के अवतार के रूप …
बिहार के मधुबनी जिले के फुलहर गांव में ऐतिहासिक तालाब है जिसके चारों तरफ प्राचीन काल में उपवन था। मिथिला नरेश जनक के महल के नजदीक अवस्थित इस उपवन में तरह तरह के फूल और फल वृक्ष थे। श्री रामचरित मानस के अनुसार यहां माँ सुनयना ने सीता मां को गिरिजा पूजन के लिए भेजा …
बिहार के मधुबनी जिले के फुलहर गांव में ऐतिहासिक गिरिजा मंदिर है ।प्राचीन काल में यहाँ उपवन के बीच गिरिजा माता का मंदिर बना हुआ था। मिथिला नरेश जनक के महल के नजदीक अवस्थित इस उपवन में तरह तरह के फूल और फल वृक्ष थे । माता जानकी अपनी बाल्यावस्था से ही यहाँ गौरी पूजन …
वाल्मीकि रामायण के अनुसार जनकपुर पहुंच कर मुनि विश्वामित्र, रामजी और भैया लखनलाल ने जनकजी के उपवन में डेरा डाला था। जिस स्थान पर वे रुके वहाँ आज भी विश्वामित्र मुनि का आश्रम है। विश्वामित्र का ही अपभ्रंश बिसोल है। वा.रा. 1/50/4 से 25 मानस 1/213/2, 3, 4, 1/214 दोहा से 1/216/4 विश्वामित्र आश्रम से …



