श्री राम जन्म भूमि अयोध्या आप दर्शन कर रहे हैं टाट में विराजमान राम लला जन्मभूमि पावन तीर्थ के । अब यहां भव्य रामभूमि निर्माण की तैयारियां चल रही हैं । माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार अब यहाँ भव्य राम मंदिर का निर्माण होगा । बड़े हर्ष का विषय है कि राम लला …
ये है मखौड़ा धाम । अयोध्या नरेश दशरथ जी ने श्रृंगी ऋषि के निर्देशन में पुत्रेष्टि यज्ञ यहीं किया था । मनोरमा नदी के तट पर अवस्थित यह तीर्थ आजa भी प्रख्यात है । संतान प्राप्ति की कामना से लोग आज भी यहां बड़ी संख्या में मनौती मांगने के लिये आते हैं । संतान प्राप्ति …
रामायण वर्णन के अनुसार तीनों ने गंगा पार कर एक रात्रि विशाला नगरी में विश्राम किया था। रामजी को विश्वामित्र मुनि ने विशाला नगरी के बारे में विस्तार से बताया । वहां के तत्कालीन राजा सुमति मुनि के दर्शन के लिये यहां आये और दशरथ नंदन से मिलकर बड़े प्रसन्न हुए थे । समकाल में …
लोक मान्यता के अनुसार श्रीराम, लक्ष्मणजी तथा विश्वामित्र जी ने त्रिगना घाट से महानद सोनभद्र को पार किया था। यहां प्राचीन मूर्तियां खुदाई में मिली हैं। यह स्थान कोइलवर पुल से लगभग 8 कि.मी. दूर पड़ता है। वा.रा. 1/35/1 से 5
परेव पड़ाव का अपभ्रंश है। माना जाता है कि श्री राम लक्ष्मण जी तथा विश्वामित्र जी ने यहां पड़ाव डाला था। यह स्थान कोइलवर पुल के पास है। निकट ही मोहनेश्वर महादेव का मंदिर है। कुछ लोगों का विचार है कि उन्होंने सोनभद्र नदी त्रिगना घाट से पार की थी। दोनों में लगभग 5 कि.मी. …



