कनक भवन / Kanak Bhawan

हनुमान गढ़ी के निकट स्थित कनक भवन अयोध्या का एक महत्वपूर्ण मंदिर है। यह मंदिर सीता और राम के सोने के मुकुट पहने प्रतिमाओं के लिए लोकप्रिय है। इसी कारण इस मंदिर को सोने का घर भी कहा जाता है। यह मंदिर टीकमगढ़ की रानी ने 1891 में बनवाया था। मुख्य मंदिर आतंरिक क्षेत्र में फैला हुआ …

गुप्तार घाट / Guptar Ghat

सरयू नदी के तट पर स्थित इस घाट के विषय में मान्यता है कि इस पवित्र घाट पर भगवान राम ने जल समाधि ली थी। 19 वीं सदी में राजा दर्शन सिंह द्वारा इसका नवनिर्माण करवाया गया था। घाट पर राम जानकी मंदिर, पुराने चरण पादुका मंदिर, नरसिंह मंदिर और हनुमान मंदिर स्थित है, जिसके …

गुरुद्वारे / Gurudwaras

ब्रह्म कुंड और नजरबाग इलाकों में स्थित गुरुद्वारों में गुरु नानक देव जी, गुरु तेग बहादुर जी और गुरु गोविंद सिंह जी की स्मृतियों को संजोया गया है। The gurudwaras at Brahm Kund and Nazarbagh localities have been associated with Guru Nanak Dev Ji, Guru Teg Bahadur Ji and Guru Govind Singh Ji.

सरयू नदी / Saryu River

उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियों में से एक, सरयू नदी का उल्लेख हिन्दू ग्रंथों, वेद और रामायण में मिलता है। यह अयोध्या से बहती है और यहां की समस्त अशुद्धियों को नष्ट कर नया जीवन देती है। राम की पैड़ी सरयू नदी के किनारे है, जहां घाट और बगीचों की श्रृंखला भी है। यहां विभिन्न धार्मिक अवसरों पर भक्त पवित्र …

तुलसी स्मारक भवन / Tulsi Smarak Bhawan

तुलसी स्मारक भवन महान संत-कवि गोस्वामी तुलसीदास जी को समर्पित है। नियमित रूप से यहां प्रार्थना, भक्ति संगीत और धार्मिक प्रवचन आयोजित होते हैं। परिसर में स्थित अयोध्या शोध संस्थान के पास गोस्वामी तुलसीदास पर साहित्यिक रचनाओं का एक बड़ा भंडार है। संस्थान द्वारा तुलसी स्मारक सभागार में शाम को 6 से 9 बजे तक …