भारतवर्ष में श्रीराम / ShriRam in Bharatvarsh

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यहां सीता माँ ने वनवासियों को शीत ज्वर से बचाने के लिए तुलसी के पौधे लगाये थे। तब तुलसी का
रामेश्वर से लंका जाते समय श्रीराम आये थे। यहाँ उन्होंने दशरथजी का श्राद्ध किया था।
एक लोक कथा के अनुसार स्थानीय प्रभाव से यहाँ लक्ष्मणजी का मन राम भक्ति से हट गया था। राम देवर
जनकपुर से 25 कि.मी. दूर उत्तर-पश्चिम दिशा में मबइ नदी के किनारे सीतामढ़ी है। यहाँ के मन्दिर अब ध्वस्त हो
यहां सुग्रीव जी ने स्नान किया था। लंका से अयोध्या जी आते समय श्रीराम अपने मित्रोें व सेनापतियों सहित अयोध्या
राम अगस्त्य आश्रम जाने से पूर्व उनके भाई अग्निजिह्ना के आश्रम भी गये थे। यह आश्रम अगस्त्य के भाई का
जालना जिले में शेवली के निकट श्रीराम ने किसानों को हल चलाना सिखाया था तथा शिव पूजा की थी। आज
सावर गांव  शेवली तालुका में शम्भू सावर गांव के निकट श्रीराम ने शम्भू नामक दैत्य का वध किया था तथा
शहडोल जिले में जयसिंह नगर से 15 कि.मी. दूर गंधिया नामक ग्राम के पास श्री सीता राम जी एक रात
ताला बांधगढ़ राष्ट्रीय उद्यान में एक पहाड़ी पर श्रीराम का प्राचीन मन्दिर स्थित है। यहाँ लक्ष्मण शैया, भगवान वराह, कच्छपावतार,