भारतवर्ष में श्रीराम / ShriRam in Bharatvarsh

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उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में यमुना जी के तट पर अवस्थित मुरका धाम में तापस हनुमान की एक विलक्षण
लोक कथा के अनुसार तिरूवारूर से 3 कि. मी. दूर श्रीराम ने दशरथ जी का श्राद्ध किया था। आज भी
पंचवटी प्रवास के दौरान श्रीराम आस-पास के क्षेत्रों में भ्रमण करते रहे थे। तभी उन्होंने पाटौदा गाँव में रामेश्वर लिंग
श्री राम यात्रा पथ खोज में निश्चित रूप से अधिक स्थानों के नाम राम जी अथवा सीताजी से संबंधित मिलते
वानर सेना ने मेलुकोटे नामक स्थान पर जलपान किया था। नगर से 3 कि.मी. दूर जंगल में एक पहाड़ी पर
माना जाता है कि ताड़का वध के पश्चात् श्री राम के मन में स्त्रीवध के कारण ग्लानि थी क्योंकि उनके
अमरावती से 3 कि.मी. दूर घनघोर जंगल में एक भयंकर कुण्ड है। इस कुण्ड में झांकने पर भी डर लगता
येडेष्वरी एरमला सती माँ ने श्रीराम की परीक्षा लेते समय काफी लम्बी दूरी तक उनके आगे-आगे यात्रा की थी तभी
बेंगरा अर्थात् रहने का स्थान। यहाँ श्रीसीताराम जी कुछ काल तक रहे हैं। पहाड़ी में ठीक पीछे लक्ष्मण बंेगरा है।
रामेश्वर मंदिर, रामस गांव अम्बड़ तहसील के रामस गाँव में श्रीराम द्वारा स्थापित रामेश्वर लिंग, सीता माँ द्वारा स्थापित सिद्धेश्वर