भारतवर्ष में श्रीराम / ShriRam in Bharatvarsh

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शिव मंदिर कांकेर भण्डारीपारा में श्रीराम ने रामनाथ महादेव मंदिर की स्थापना की थी। कांकेर में कर्क ऋषि से मिलने
देवी पट्टनम स्थान पर श्रीराम ने शनिदेव को शांत करने के लिए नवग्रह की पूजा की थी। यहाँ, श्रीराम ने
एक लोक कथा के अनुसार स्थानीय प्रभाव से यहाँ लक्ष्मणजी का मन राम भक्ति से हट गया था। राम देवर
रामलिंग येडसी श्रीराम किसी भी स्थिति में भगवान शिव की पूजा अवश्य करते थे। उस्मानाबाद जिले में येडसी के निकट
बिहार के मधुबनी जिले के फुलहर गांव में ऐतिहासिक तालाब है जिसके चारों तरफ प्राचीन काल में उपवन था। मिथिला
कुनकुरी से 18 कि.मी. दूर रिंगार घाट गाँव के पास, बगीचा-जसपुर मार्ग के निकट लक्ष्मण जी ने वराह रूप में
लोक मान्यता के अनुसार श्रीराम, लक्ष्मणजी तथा विश्वामित्र जी ने त्रिगना घाट से महानद सोनभद्र को पार किया था। यहां
मल्लीकेश्वर मंदिर मल्कानगिरि माल्यवंत गिरि का अपभ्रंश है। उड़ीसा के आदिवासियों के अनुसार वास्तविक किष्किन्धा यहीं है। यहाँ श्रीराम ने
ये है राम सरोवर । महाराष्ट्र के नागपुर जिले में टेकारी में अवस्थित ये सरोवर उस स्मृति से जुड़ा है
सूर्य के ताप तथा रोशनी से थके श्री राम और लक्ष्मण ने यहाँ स्नान किया और गणेश देव की पूजा