आप इस क्षण जगत जननी जानकी की जन्मभूमि जनकपुर धाम में अवस्थित जानकी मंदिर के दर्शन कर रहे हैं । त्रेतायुग में माता जानकी की बाल्यावस्था यहीं बीती । ये मंदिर टीकमगढ़ की राजमाता वृषभानु लली ने आज से सैकड़ों वर्ष पहले बनवाया । माता की अपार कृपा उन पर बरसती थी । उस समय …
माना जाता है कि सीता जी के विवाह में जल की व्यवस्था के लिए नदी का उद्गम खोज कर उसे विकसित किया गया था । नदी का जल दूध की भांति धवल है इसलिए नाम दूधमती नदी है। अब नेपाल की शिवभक्त जनता यहां से काँवड़ भर कर भगवान शिव का जलाभिषेक करती है ।
श्रीराम चरित मानस के अनुसार श्री राम सहित चारों भाइयों के विवाह के लिए बहुत सुन्दर मंडप का निर्माण किया गया था। मण्डप में बड़ी संख्या में बाँसों का प्रयोग हुआ था तथा इसी जंगल से बाँस काट कर ले जाए गये थे। आज भी कन्याओं के विवाह में प्रतीक रूप में यहां से बाँस …

