दूर मध्यमेश्वर में गोदावरी के किनारे बाणेश्वर मंदिर है। लोक कथा के अनुसार यहाँ खडे़ होकर श्रीराम ने मारीच को मारा था। वा.रा. 3/44/1 से 3/44/22 तक मानस 3/26/6 से 3/27/1 तक
कोठरे नेफाड से 10 कि मी. पूर्व दिशा में गोदावरी के किनारे बाणेश्वर मंदिर है। लोक कथा के अनुसार यहाँ खड़े होकर श्री राम ने मारीच को बाण मारा था। वा.रा. 3/44/1 से 3/ 44/ 22, मानस 3/26/6 से 3/27/1 तक
महाराष्ट्र के नासिक जिले में एक क्षेत्र विशेष में ठाण नाम के कई गाँव हैं। इसके पीछे लोक मान्यता ये है कि हिरण रूपी मारीच जंगल में पेड़ों और झाड़ियों के पीछे जान बचाने के लिये छिपता रहा । उसकी मृत्यु से पूर्व रामजी ने अनेक स्थानों पर खडे़ होकर निशाना साधा था किन्तु तीर …
रामसेज पर्वत, नासिक से 16 कि.मी. दूर गुजरात मार्ग पेट रोड पर एक पहाड़ी पर श्री सीता रामजी के विश्राम स्थल की मान्यता है। यहाँ सीता रामजी के नाम पर दो कुण्ड भी हैं। आश्चर्यजनक बात यह है कि इस क्षेत्र में काँटे नहीं हैं तथा मखमली घास है।
पंचवटी से 4 कि.मी. उत्तर दिशा में म्हसरूल में दो सरोवर श्रीराम व सीता माँ के नाम पर हैं। दोनों इन सरोवरों में स्नान करते थे। 1975 के आपात् काल से पूर्व तक यहाँ विशाल मेले लगते रहे थे। गोस्वामी तुलसी दास ने मानस में 3/13/1 से 3/16/1 तक श्रीराम के पंचवटी प्रवास का वर्णन …




