ये है अयोध्याजी से कुछ दूरी पर तमसा नदी के तट पर अवस्थित गौरा घाट । यहाँ श्रीराम जी ने वनवास की प्रथम रात्रि विश्राम किया था। तमसा का वर्तमान नाम मंडाह एवं मढ़ार है । ये स्थल गौरा घाट के नाम से प्रसिद्ध है। गौरा शब्द गौरव का अपभ्रंश है। यह स्थान अयोध्याजी से …
भगवान राम और माता जानकी के विवाह अवसर पर मिथिला नरेश जनक जी ने दहेज के रूप में बहुत बड़ा खजाना तथा रत्न व मणियाँ दान में दी थी। विवाहोपरांत बाराती के साथ मिथिला से चले भारवाहक दहेज का सामान लेकर अयोध्याजी पहुँचे । उन्होंने जिस स्थान पर रत्न और मणियों को रखा वहां पर्वत …
श्री राम जन्म भूमि अयोध्या आप दर्शन कर रहे हैं टाट में विराजमान राम लला जन्मभूमि पावन तीर्थ के । अब यहां भव्य रामभूमि निर्माण की तैयारियां चल रही हैं । माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार अब यहाँ भव्य राम मंदिर का निर्माण होगा । बड़े हर्ष का विषय है कि राम लला …
यज्ञ स्थल से श्रृंगी आश्रमः- मखौड़ा-महबूबगंज-शेरवाघाट 22 कि. मी

