येडेष्वरी एरमला सती माँ ने श्रीराम की परीक्षा लेते समय काफी लम्बी दूरी तक उनके आगे-आगे यात्रा की थी तभी श्रीराम ने सती माँ को ‘येडई माँ’ कहकर पुकारा था। एरमला में इसी नाम से उनका मंदिर है। यहाँ श्रीराम और सती माँ की भेंट हुई थी।
दण्डकारण्य में घूमते हुए श्रीराम ने यहाँ जैन मुनि देशभूषण तथा मुनि कुलभूषण की एक राक्षस से रक्षा की थी तभी उन्होंने यहाँ एक जिनालय की स्थापना की थी।
भूम से 13 कि.मी. दूर रामकुण्ड नामक गाँव है। माना जाता है कि यहाँ श्रीराम ने स्नान किया था। संभवतः यहाँ श्रीराम दो बार आये हैं।


