श्री राम की यात्रा में नदी तट पर अवस्थित तीर्थ बड़ी संख्या में हैं । ऐसा इसलिये कि प्राचीन काल में अधिकांश यात्रायें नदी तट के निकट से होकर ही आगे बढ़ती थीं । नदियों के किनारे किनारे चलने से स्थान की पहचान याद रखना आसान था तथा यात्रा क्रम में जल की प्रचुरता बनी …
Month: February 2020
श्री राम यात्रा पथ खोज में निश्चित रूप से अधिक स्थानों के नाम राम जी अथवा सीताजी से संबंधित मिलते हैं । पर यथास्थान भैया लखन लाल की स्मृति से संबंधित तीर्थ भी प्राप्त हुए हैं । सिदागर घाट से आगे बढ़ने पर उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में लखनेश्वर डीह तीर्थ इसका प्रमाण है …
सरजू जी गाजीपुर उत्तर प्रदेश
रामघाट मऊ मऊ के निकट पुरानी सरयू के किनारे रामघाट है। माना जाता है कि यहाँ श्रीराम ने सरयू में स्नान किया था तथा वे विश्वामित्र मुनि के साथ इसी मार्ग से आश्रम गये थे। आज भी दूर-दूर से जनता यहाँ स्नान व मनौतियां माँगने आती हंै। ग्रंथ उल्लेखवा.रा. 1/22/11 से 24 तक। मानस 1/205 …
बारदुवारिया मंदिर यह स्थान रामघाट मऊ के निकट ही है। यहाँ पुरानी सरयू तथा टोंस नदी का संगम है। यहाँ भगवान शिव का 12 द्वारों का एक बहुत प्राचीन मंदिर है। आज भी यहाँ कार्तिक पूर्णिमा को एक बड़ा मेला लगता है। लोक मान्यता के अनुसार विश्वामित्र मुनि श्रीराम लक्ष्मण को इसी मार्ग से ले …
