कटनी जबलपुर मार्ग पर कटनी से 60 कि.मी. दूर भरभरा गाँव के निकट श्रीराम ने शिव पूजा की थी। यहाँ खनन में गणेश जी, शिवजी, शिवलिंग जलहरी सहित मिले हैं। यह स्थान शिल्परा नदी के किनारे है। वा.रा. 3/6 पूरा अध्याय, मानस 3/8/3 से 3/9 दोहा तक।
एक जनश्रुति के अनुसार मैहर के जंगल में एक प्राचीन शिव मंदिर था। यहाँ श्री राम ने पूजा की थी। एक प्राचीन मंदिर मैहर के निकट ही है मैहर में श्रीराम सखेन्द्र दास जी द्वारा स्थापित श्रीराम मंदिर है। वा.रा. 3/6 पूरा अध्याय, मानस 3/8/3 से 3/9 दोहा तक।
पन्ना जिला में सलेहा से 9 कि.मी. दूर पटना गाँव के पास पहाड़ पर सिद्ध बाबा आश्रम, अगस्त्य आश्रम माना जाता है। पटना से 4 कि.मी. पैदल कच्चा मार्ग है तथा यहाँ पहुँचने के लिए 2 नदियाँ गलको तथा तीहरी पार करनी पड़ती हैं। नदियों पर पुल नहीं है। वा.रा. 3/6 पूरा अध्याय, मानस 3/8/3 …
राम अगस्त्य आश्रम जाने से पूर्व उनके भाई अग्निजिह्ना के आश्रम भी गये थे। यह आश्रम अगस्त्य के भाई का माना जाता है। यह स्थल पन्ना से लगभग 18 कि.मी. दूर देवेन्द्र नगर के पास बडे़गाँव में है। वा.रा. 3/6 पूरा अध्याय, मानस 3/8/3 से 3/9 दोहा तक। टिप्पणी: वाल्मीकि रामायण तथा श्री रामचरित मानस …
श्रीराम ने भुजा उठाकर राक्षसों के वध की प्रतिज्ञा की थी तभी हाथ उठाने के लिए उन्होंने सारंग धनुष धरती पर टिकाया था, इसीलिए इस स्थान का नाम सारंगधर है। यहाँ एक अद्भुत वट वृक्ष है। इसके पत्ते बडे़ होकर स्वतः ही दोने का आकार ले लेते हैं। साधकों के अनुसार पेड़ के नीचे ध्यान …




