शरभंग आश्रम

शरभंग आश्रम यवतमाल जिले में नांदेड़ की सीमा के निकट उनकेश्वर नामक स्थल पर शरभंग ऋषि का आश्रम है। यहाँ श्रीराम, लक्ष्मण तथा सीताजी आये थे। श्रीराम ने ऋषि के कुष्ठ को शांत करने के लिए अग्निबाण से गर्म जल का स्रोत बनाया था जो आज भी निरन्तर बह रहा है।

सीता मंदिर रालेगांव

राले गाँव में सीता मन्दिर बना है। सीताजी के श्राप से अभी भी इस गाँव में गेहूँ पैदा नहीं होता। वनवास काल की श्री सीता रामजी से संबंधित कई कथाएं प्रचलित हैं।

श्री राम मंदिर बासर

श्री राम मंदिर बासर माना जाता है कि इसी स्थान पर माँ सरस्वती की कृपा से राजा दशरथ जी ने पुत्रेष्टि यज्ञ का संकल्प किया था। इसकी प्रेरणा वशिष्ठ जी से मिली थी। जहां राजा दशरथ जी आये थे वहीं श्री सीताराम जी भी आये थे। इसी स्मृति में यहां श्रीराम मंदिर का निर्माण हुआ, …

स्कंद आश्रम कंदकुर्ती

निजामाबाद से 30 किलोमीटर दूर गोदावरी माजरा तथा हल्दीहोल नदी का पवित्र संगम है । संगम तट पर माता पार्वती का मंदिर है । इसे स्कंद मंदिर भी कहा जाता है । वनवास अवधि में श्री राम यहां आये थे । श्रीराम वनवास से संबंधित सिंदूर गांव के जमींदार की कथा यहां प्रचलित है । …

श्रीराम मंदिर इलेन्दु

श्रीराम ने जिमीकुंटा, मंडल में इलेन्दा के फलों से दशरथ जी का श्राद्ध किया था। आज भी लोग नया कार्य आरम्भ करने तथा पूर्वजों का श्राद्ध करने यहाँ आते हैं।