इस स्थल पर श्रीराम स्वयं नहीं गये थे। यहाँ लक्ष्मण मूर्छा के बाद संजीवनी बूटी लेने जाते समय हनुमान जी को कालनेमी राक्षस ने कपट रूप में रोकने का असफल प्रयास किया था। यहाँ हनुमान जी ने मकरी का उद्धार किया था तथा कालनेमी का वध किया था। इस स्थान को माहावीरन भी कहते हैं। …
धो पाप कुण्ड श्रीराम ने ब्रह्महत्या से छुटकारे के लिए कई स्थानों पर यज्ञ व दान किये थे। गोमती नदी के तट पर वशिष्ठ जी की आज्ञा से श्रीराम ने बड़ा यज्ञ तथा दान किया था तथा पूरे परिवार ने गोमती नदी में स्नान किया था। वा.रा. 6/128/95, मानस 7/23/1
रावण वध के कारण श्रीराम व सीता जी पर ब्रह्महत्या का पाप लगा हुआ था। श्रीराम ने सीता जी के ब्रह्महत्या से छुटकारे के लिए यहाँ एक बड़ा यज्ञ किया था तथा ब्राह्मणों को अमित दान दिया था। वा.रा. 6/128/95, मानस 7/23/1
यहां हनुमान जी ने स्नान किया था। वा.रा. 6/128/13,14,15 मानस 7/10/1 से 4 लंका से अयोध्या जी आते समय श्रीराम अपने मित्रोें व सेनापतियों सहित अयोध्या आये थे। सभी लोग श्रीराम के राज्याभिषेक में सम्मिलित हुए थे तथा राज्याभिषेक समारोह के बाद भी कुछ दिनों तक अयोध्या जी में रहे थे। तब श्रीराम ने सभी के …
यहां सुग्रीव जी ने स्नान किया था। लंका से अयोध्या जी आते समय श्रीराम अपने मित्रोें व सेनापतियों सहित अयोध्या आये थे। सभी लोग श्रीराम के राज्याभिषेक में सम्मिलित हुए थे तथा राज्याभिषेक समारोह के बाद भी कुछ दिनों तक अयोध्या जी में रहे थे। तब श्रीराम ने सभी के रहने तथा स्नान आदि की …




