भारतवर्ष में श्रीराम / ShriRam in Bharatvarsh

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विवाह के पश्चात् चारों दुल्हा, दुल्हिन यहां आमोद-प्रमोद के लिए आये थे। चारों ने यहां जल-क्रीड़ा की थी इसलिए आज
 हरी, का अपभ्रंश है दोहरी। श्रीराम तथा परशुराम जी दोनों ही विष्णु के अवतार हुए हैं। दोनों की यहाँ सरयूजी
शिव मंदिर कांकेर भण्डारीपारा में श्रीराम ने रामनाथ महादेव मंदिर की स्थापना की थी। कांकेर में कर्क ऋषि से मिलने
श्रीराम ने वर्षा के चार महीने प्रस्रवण चोटी पर बिताये थे तथा वहीं से सीताजी का पता पाकर लंका के
शहडोल जिले में जयसिंह नगर से 15 कि.मी. दूर गंधिया नामक ग्राम के पास श्री सीता राम जी एक रात
महाराष्ट्र के नासिक जिले में एक क्षेत्र विशेष में ठाण नाम के कई गाँव हैं। इसके पीछे लोक मान्यता ये
ये है उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले में अयोध्याजी के निकट टाहडीह में अवस्थित श्री राम मंदिर । टाहडीह की
कन्नड शब्द बाण होरा का अर्थ है बाण नहीं उठा सकता। लक्ष्मणजी ने श्रीराम के धनुष बाण ले कर चलने
सूर्य के ताप तथा रोशनी से थके श्री राम और लक्ष्मण ने यहाँ स्नान किया और गणेश देव की पूजा
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में यमुना जी के तट पर अवस्थित मुरका धाम में तापस हनुमान की एक विलक्षण