भारतवर्ष में श्रीराम / ShriRam in Bharatvarsh

अयोध्या इलाहाबाद उड़ीसा उत्तर प्रदेश उमरिया उस्मानाबाद ओडीशा कर्नाटक खम्मम गोण्डा चित्रकूट छतीसगढ जनकपुर जांजगीर जालना झारखंड तमिलनाडू तेलंगाना तोरोमाटी धमतरी नांदेड़ नागपुर नासिक नेपाल पन्ना प्रतापगढ़ प्रयागराज फिंगेश्वर फैजाबाद बक्सर बलिया बस्तर बिहार मऊ मधुबनी मध्य प्रदेश मलकानगिरी महाराष्ट्र रामनाथपुरम रायपुर सतना सरजू जी सरयू जी सिहावा होशंगाबाद

विजोरी मानपुर से 14 कि.मी. दूर जंगल में सोनभद्र तथा जुहिला नदियों का पवित्र संगम है। यहाँ श्रीराम ने दशरथ
शरभंग आश्रम यवतमाल जिले में नांदेड़ की सीमा के निकट उनकेश्वर नामक स्थल पर शरभंग ऋषि का आश्रम है। यहाँ
भरतजी श्रीराम के राज्याभिषेक के लिए सभी तीर्थों का जल लाये थे। वह पवित्र जल अत्रि मुनि के परामर्श से
नासिक में पंचवटी से 8-10 कि.मी. दूर गोदावरी तथा कपिला नदी के संगम पर श्री लक्ष्मण जी ने शूर्पणखां की
पिता की इच्छानुसार ही श्रीराम ने 14 वर्ष वन में बिताये थे। किन्तु पुत्र बिछोह में चक्रवर्ती सम्राट दशरथ जी
कुमारद्वय रामनगर  इलाहाबाद -चित्रकूट मार्ग पर राम नगर गाँव के पास कुमारद्वय नामक विशाल तालाब है। स्थानीय भाषा में इसे
मानस के अनुसार भरत जी को कामदगिरि के दर्शन दो कोस पहले हुए थे। केवल खोह गाँव ही है जहाँ
डुमरीपाडा बालीमेला मल्कानगिरी से 90 कि.मी. पूर्वोत्तर में डुमरी पाड़ा नामक पहाड़ी व बस्ती है। लोक विश्वास के अनुसार यहाँ
महर्षि  वाल्मीकि के अनेक आश्रम मिले हैं। यह आश्रम महासमुन्द जिले में तुरतुरिया नामक स्थान के पास है।
बिहार के दरभंगा जिले में अहियारी में अवस्थित गौतम आश्रम अहल्या आश्रम के रूप में भी प्रसिद्ध है । कुछ