भारतवर्ष में श्रीराम / ShriRam in Bharatvarsh

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भक्त कामदगिरि को श्रीराम का प्रत्यक्ष शरीर मानते हैं। श्रीराम यहाँ बहुत दिनों तक रहे थे। हजारांे श्रद्धालु नित्यप्रति इसकी
माना जाता है कि वनवास काल में सीताराम जी ने यहाँ से नदी पार की थी। यहाँ शिवनाथ व महानदी
इलाहाबाद में एक टीले पर यह आश्रम स्थित है। पहले गंगा माँ की धारा यहाँ से होकर बहती थी। श्रीराम
जब श्रीराम कावेरी की शाखा के किनारे चलते हुए यहाँ पहुँचे तो ऋषियों ने उन्हें वहीं रहने को कहा। श्रीराम
हम्पी अनागुन्डी गाँव ही प्राचीन किष्किंधा है। यहाँ वाल्मीकि रामायण में वर्णित दृश्य मिलते हैं। अन्य महत्त्वपूर्ण स्थलों में यहाँ
कुमारद्वय रामनगर  इलाहाबाद -चित्रकूट मार्ग पर राम नगर गाँव के पास कुमारद्वय नामक विशाल तालाब है। स्थानीय भाषा में इसे
एक जनश्रुति के अनुसार मैहर के जंगल में एक प्राचीन शिव मंदिर था। यहाँ श्री राम ने पूजा की थी।
 हरी, का अपभ्रंश है दोहरी। श्रीराम तथा परशुराम जी दोनों ही विष्णु के अवतार हुए हैं। दोनों की यहाँ सरयूजी
त्रेता युग में मिथिला नरेश सीरध्वज जनक के दरबार में रामजी द्वारा धनुर्भंग के बाद अयोध्याजी से बारात आई। श्री
मिथिला में लोक परम्परा के अनुसार विवाह के चैथे दिन वेदी बना कर पुनः विवाह की परम्परा है। आज भी