स का मूल नाम त्रिशिरापल्ली है। यह रावण के भाई त्रिशिरा ने बसाई थी। श्रीराम की सेना इधर से ही रामेश्वरम गयी थी।
लोक कथा के अनुसार श्रीराम जब लंका से अयोध्या वापिस जा रहे थे तो स्थानीय नागरिकों ने यहाँ उनका पट्टाभिषेक किया था। किन्तु यह तर्कसंगत नहीं लगता। विद्वानों की राय में श्रीराम लंका अभियान में ही यहाँ से गये थे। यह स्थल जाने के मार्ग पर ही आता है।

