यज्ञ स्थल से श्रृंगी आश्रमः- मखौड़ा-महबूबगंज-शेरवाघाट 22 कि. मी
ये है भैरव मंदिर तीर्थ । यह तीर्थ उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जिले में सरयू नदी के तट पर महाराजगंज में अवस्थित है । विश्वामित्र मुनि के साथ उनके आश्रम की रक्षा के लिये साथ चल रहे भगवान राम के साथ भैया लखन लाल इस मंदिर के निकट से आगे बढ़े थे । ये बड़ा …
रामायण के अनुसार विश्वामित्र मुनि ने श्रीराम लक्ष्मण जी को रात्रि रहते ही उठाया तथा कुछ सामान्य क्रियाओं के बाद वे आश्रम को चल पड़े थे। इस क्षेत्र में एक कहावत है: -भोर भरोली भए उजियारा, बक्सर जाय ताड़का मारा अर्थात श्रीराम को जहाँ भोर हुई वहाँ भरोली गाँव है तथा जहाँ प्रकाश हुआ वहाँ …
सुबाहु डीह त्रेता युग से संबंधित महत्वपूर्ण धरोहर है । उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में चिटबड़ा गाँव के पास जंगल में एक प्राचीन टीला है। इसे सुबाहू का घर माना जाता है। सुजायत सुबाहू से बना है। टीले के पास खुदाई में ताड़ का रस निकालने के पात्र, चिमटा, भट्ठी तथा कौड़ियाँ आदि मिली …
कारोधाम में अवस्थित कामेश्वर मंदिर अत्यंत प्राचीन तीर्थ है । अयोध्या से अपने आश्रम की ओर बढ़ते हुए मुनि विश्वामित्र जी ने श्रीराम को बताया था कि भगवान शिव ने कामदेव को यहां भस्म किया था। आज भी यहां शिव मंदिर तथा तालाब है। माना जाता है कि यहां भगवान शिव ने तपस्या की थी। …


