शिबरी नारायण मंदिर से 2 कि.मी. दूर महानदी के पार एक प्राचीन वट वृक्ष को विश्राम वट कहते हैं। तीनों ने यहाँ विश्राम किया था।
रतनपुर शहर में पहाड़ी पर श्रीराम ने निवास किया था। पहाड़ी पर ऊँचे मंदिर में श्रीराम के पैर के अँगूठे से गंगाजी प्रवाहित हो रही हैं।
रायगढ़ से 21 कि.मी. दूर भूपदेवपुर स्टेशन के पास जंगल में राम झरना है। तीनों ने यहाँ स्नान किया था। एक चमत्कार है कि झरने का पानी किसी भी मौसम में घटता बढ़ता नहीं।
रायपुर-घरघोड़ा मार्ग पर गेरवानी गाँव के निकट जंगल में लक्ष्मण पादों की पूजा होती है। माना जाता है कि श्रीराम जानकी इधर से ही गये थे। यहाँ से 5 कि.मी. दूर बड़ गाँव में भव्य सीता मंदिर है।
श्रीराम जहां भी रात्रि विश्राम करते थे वहां शिव पूजन अवश्य होता था। बगीचा से रामरेखा धाम जाते समय श्रीराम ने यहां भी शिवलिंग की स्थापना की थी। आज भी यहां 10 वीं 11 वीं शताब्दी के मंदिर के अवशेष मिलते हैं।




