लेखा पत्थर रेंगले बगीचा से 10 कि.मी. पूर्व दिशा में श्री सीताराम जी ने रात्रि विश्राम किया था। ऊँची चट्टानों पर चित्रलिपि तथा उनके चित्र बनें हैं। यहाँ श्रीराम, लक्ष्मण, सीता जी तथा भगवान शिव की अनगढ़ी मूर्तियों की पूजा वनवासी करते हैं। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से …
यहां सीता माँ ने वनवासियों को शीत ज्वर से बचाने के लिए तुलसी के पौधे लगाये थे। तब तुलसी का बगीचा लग गया और यह क्षेत्र बगीचा के नाम से प्रसिद्ध हो गया। बगीचा के पास पहाड़ी की तलहटी पर एक नाले के पास भगवान शिव का एक छोटा सा मंदिर है। श्री राम ने …
श्री राम लक्ष्मण ने सरगुजा में उदयपुर के पास मिट्टी से अपनी जटाएं ठीक की थीं। यहाँ प्राचीन राम मंदिर तथा सीता गुफा है। कठिन चढ़ाई के बाद एक गुफा से बहुत चिकनी हरे रंग की मिट्टी निकलती है। यही चन्दन मिट्टी कही जाती है। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि …
बेंगरा अर्थात् रहने का स्थान। यहाँ श्रीसीताराम जी कुछ काल तक रहे हैं। पहाड़ी में ठीक पीछे लक्ष्मण बंेगरा है। यहां श्रीराम वनवास की चित्रलिपि बहुत सुन्दर व प्राचीन है। चित्रिलिपि अभी तक पढ़ी नहीं जा सकी है। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के आश्रम …
श्रीराम ने यहां सरा नामक असुर का वध किया था तथा शिव पूजा की थी। यहां महान नदी में सीता नहानी तथा राम डोह बने हंै। सघन जंगल में श्रीराम जानकी तथा भगवान शिव के सुन्दर मंदिर बने हंै। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के …




