भारतवर्ष में श्रीराम / ShriRam in Bharatvarsh

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अयोध्या जी नन्दी ग्राम के पास भादर्शा नामक एक  बाजार है। भादर्शा का अर्थ है-भये दर्शन। अयोध्यावासियों को श्रीराम के
एक जनश्रुति के अनुसार मैहर के जंगल में एक प्राचीन शिव मंदिर था। यहाँ श्री राम ने पूजा की थी।
सीतामढ़ी कनवाई जनकपुर से 50 कि.मी. दूर बरनी नदी के किनारे श्री सीता राम जी ने एक रात्रि यहाँ विश्राम किया
महाराष्ट्र के नासिक जिले में एक क्षेत्र विशेष में ठाण नाम के कई गाँव हैं। इसके पीछे लोक मान्यता ये
परेव पड़ाव का अपभ्रंश है। माना जाता है कि श्री राम लक्ष्मण जी तथा विश्वामित्र जी ने यहां पड़ाव डाला
श्रीराम ने मारीच वध के पश्चात् यहाँ मारीच को संसार रूपी भवसागर से मुक्ति प्रदान की थी। वा.रा. 3/44/1 से
फिंगेश्वर मार्ग पर प्राचीन माण्डव्य आश्रम में श्रीराम ऋषि दर्शन के लिए आये थे।
माना जाता है कि ताड़का वध के पश्चात् श्री राम के मन में स्त्रीवध के कारण ग्लानि थी क्योंकि उनके
चित्रकूट भयंकर जंगल में प्रकृति की अनुपम देन है गुप्त गोदावरी, सीता माँ यहाँ स्नान करती थीं। यहीं मयंक नामक
येडेष्वरी एरमला सती माँ ने श्रीराम की परीक्षा लेते समय काफी लम्बी दूरी तक उनके आगे-आगे यात्रा की थी तभी