उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में यमुना जी के तट पर अवस्थित मुरका धाम में तापस हनुमान की एक विलक्षण प्रतिमा है । नृत्य मुद्रा में विराजमान हनुमान जी के ये विग्रह अत्यंत जागृत माने जाते हैं । पूजन में नियम निष्ठा में कोई चूक हो जाये तो पुजारी को कठोर दंड भुगतना पड़ता है …
गहरे जंगल में सीता रसोई से लगभग 4 कि.मी. दूर सीता पहाड़ी है। श्री सीता राम जी ने यहाँ विश्राम किया था। गुफा के द्वार पर चित्रलिपि की कहानी सीता रसोई की तरह यहाँ भी रहस्य बनी हुई है। ग्रंथ उल्लेख वा.रा. 2/55/23 से 33, मानस 2/109 दोहा से 2/111/1, 2/220/1, 2 आगे का मार्ग सीता …
उत्तर प्रदेश में प्रयागराज जिले में टकटई गाँव से 3 कि.मी. तथा ऋषियन से 6 कि.मी. दूर जनवां में एक पहाड़ी पर एक चिकनी शिला है। इस शिला पर सीता माँ ने चावल पसाये थे। गुफा के द्वार पर चित्रलिपि में कुछ लिखा है जो अभी तक पढ़ा नहीं जा सका। सीता रसोई के प्रति …
ऋषियन शब्द ऋषियों का अपभ्रंश है। रामायण काल में यहाँ ऋषि मंडल था। यहाँ पहुँचने के लिए शंकर गढ़, मऊ होते हुए कोटरा गाँव तक पक्की सड़क है। श्रीराम इधर से ही गये थे। ग्रंथ उल्लेख वा.रा. 2/55/23 से 33, मानस 2/109 दोहा से 2/111/1, 2/220/1, 2 आगे का मार्ग शिव मंदिर से सीता पहाड़ीः- …
घूरपुर तथा जसरा बाजार से पूर्व दिशा में यमुनाजी के किनारे भगवान शिव के एक प्राचीन मंदिर के निकट ही अत्यन्त प्राचीन गुफा है। एक छोटी सी पहाड़ी पर बनी इस गुफा में पहाड़ी पर खोद कर चित्र बनाये गये हैं। स्थानीय लोग इसे सीता रसोई कहते हैं। ग्रंथ उल्लेख वा.रा. 2/55/23 से 33, मानस …



