हिन्दू शास्त्रों के अनुसार ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना के पूर्व यह तपस्या की थी। उसी को स्मरण दिलाता यहाँ का ब्रह्मावर्त घाट है। ये भी वर्णन मिलता है कि यहीं पर ध्रुव ने भगवान विष्णु की तपस्या की थी। महर्षि वाल्मीकि की तपोभूमि बिठूर को प्राचीन काल में ब्रह्मावर्त नाम से जाना जाता था। …
कुकरैल पिकनिक स्पॉट लखनऊ मगरमच्छ और घड़ियाल के लिये प्रसिद्ध है इसके साथ साथ आप यहाँ सपरिवार पूरा दिन पिकनिक मना सकते हो आज हम आपको लखनऊ के इस बढ़िया पिकनिक स्थल के बारे में वो समस्त जानकारी मुहैया कराएँगे जिनसे आप इस स्थान के बारे में सब कुछ जान सके , कुकरैल उत्तर प्रदेश …
लखनऊ स्थित माँ चन्द्रिका देवी का मंदिर उत्तर प्रदेश के दिव्य मंदिरों में से एक है। मान्यताओं के अनुसार गोमती नदी के समीप स्थित महीसागर संगम तीर्थ के तट पर एक प्राचीन नीम के वृक्ष के कोटर में नौ दुर्गाओं के साथ उनकी वेदियाँ चिरकाल से सुरक्षित रखी हुई हैं। रोज़ाना लाखों भक्त इस माँ …
नवाबगंज पक्षी अभयारण्य, जिसका नाम 2015 में शहीद चंद्र शेखर आज़ाद पक्षी अभयारण्य रखा गया, एक पक्षी अभयारण्य है जो उत्तर प्रदेश में कानपुर-लखनऊ राजमार्ग पर उन्नाव जिले में स्थित है, जिसमें एक झील और आसपास का वातावरण है। यह उत्तरी भारत के कई वेटलैंड्स में से एक है।
कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य भारत-नेपाल सीमा पर, भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद की नानपारा तहसील में स्थित है। यह प्रभाग लगभग ५५१ कि० मी० क्षेत्र में फैला तराई ईकोसिस्टम का विशिष्ट उदाहरण है। जैव विविधता एवं बाघों के संरक्षण के लिए वर्ष २००३ में इस वन्यजीव अभयारण्यको टाइगर प्रोजेक्ट में सम्मिलित किया गया है।